इब्रानियन 10:34 - Bagheli Bible34 काहेकि तूँ पंचे जेल माहीं परे मनइन के दुखन माहीं भागीदार बने हया, अउर अपने धन-सम्पत्ती काहीं खुसी के साथ, इआ जानिके लुट जाँइ दिहा हय। कि हमरे पंचन के लघे ओहू से उत्तम अउर कबहूँ न खतम होंइ बाली धन-सम्पत्ती ही। Viz kapitola |