1 कुरिन्थियन 3:22 - Bagheli Bible22 चाह पवलुस होय, चाह अपुल्लोस होय, चाह पतरस होय, चाह संसार के सगली चीजँय होंय, चाह तूँ पंचे जिन्दा रहा, चाह मरिजा, चाह इआ समय के बातँय होंय, अउर चाह भबिस्य के बातँय होंय, सब कुछू तोंहरे पंचन के भलाइन के खातिर आय। Viz kapitola |