1 कुरिन्थियन 14:26 - Bagheli Bible26 हे भाई-बहिनिव, जब तूँ पंचे अराधना के खातिर एकट्ठा होते हया, त कोऊ स्तुति गान करत हय, कोऊ उपदेस देत हय, कोऊ अनजान भाँसा माहीं बात करत हय, कोऊ परमातिमा के उआ बचन काहीं प्रगट करत हय, जउन ओही दरसन माहीं मिला हय, अउर कोऊ त अनजान भाँसा के मतलब समझाबत हय, त हमार सलाह इआ ही, कि तूँ पंचे चाह कुछू करा, पय इनखे द्वारा मसीही मन्डली के सगले मनइन के आत्मिक बढ़ोत्तरी होंइ चाही। Viz kapitola |