इब्रानी 12 - कुल्वी1 तैबै कई लोका री ज़िन्दगी री बशाह री गुआही एक बड़ी भीड़ा सांही आसरै च़ोहू पासै घिरीदी सा ता एज़ा, आसै हर एक रोकणु आल़ी चीज़ा बै होर उलझाणु आल़ै पापा बै दूर केरिआ ज़ो दौड़ आसा दौड़नी तेसा बै ब़डै धीरजा सैंघै दौड़लै। 2 होर बशाह शुरू केरनु आल़ै होर सिद्ध केरनु आल़ै यीशु धिरै ताकदै रौहा। ज़ुणियै तेसा खुशी री तैंईंयैं ज़ो तेई सामनै रखी ती, शर्मै री किछ़ चिन्ता नी केरिआ क्रूसा रा दु:ख सौहू होर परमेश्वरै री दैहिणी धिरै ज़ाइआ बेठा। 3 तैबै यीशु पैंधै ध्यान केरा, ज़ुणियै आपणै बरोधा न पापी री ऐतरी बेइज़ती सहन केरी ताकि तुसै निराश होईया हौंसला नी छ़ौड़लै। परमेश्वर आपणै औलादा बै अनुशासना न रखा सा 4 पापा रै खिलाफ़ तुसरी लड़ाई न तुसा मौंझ़ै कोई बै हाज़ी तैंईंयैं दुःख नैंई पुजू। 5 तुसै हिम्मत देणु आल़ै शब्द बिसरै ज़ो परमेश्वरै आपणै बेटै सांही गैल केरी ती, “ओ मेरै बेटैआ, तू प्रभु री सज़ा बै हल्की गैल मत ज़ाणदा होर ज़ैबै सौ तौभै डाँटला ता हौंसला मत छ़ौड़दा, 6 किबैकि प्रभु ज़ुणी सैंघै झ़ुरी केरा सा तेइबै सज़ा बी देआ सा; होर ज़ुणिबै औलाद बणा सा तेइबै अनुशासना न बी रखा सा।” 7 तुसै दुःखा बै एक पिता री सज़ा समझ़िया सौहा। परमेश्वर तुसाबै औलाद ज़ाणिया तुसा सैंघै बर्ताव केरा सा। सौ कुण ज़ेही बेटा सा ज़ुणिबै पिता सज़ा नैंई देंदा? 8 अगर सौ सज़ा ज़ौसरै सैभै भागी होआ सी, तुसरी नी हुई ता तुसै सच़ी न परमेश्वरा री औलाद नैंई ऑथि। 9 फिरी ज़ैबै आसरा सक्का बापू बी आसाबै सज़ा दैआ ती होर आसै तिन्हां बै आदर केरा ती, ता कि आसै आत्मा रै पिता रै अधीन न रौहै, ज़ुणिन आसै ज़िन्दै रौहलै। 10 ऐसा दुनिया न आसरै बापू ता आपणी-आपणी समझ़ै रै मुताबक थोड़ै ध्याड़ै री तैंईंयैं सज़ा दैआ ती, पर परमेश्वर आसरै फायदै री तैंईंयैं ऐ केरा सा कि आसै बी तेई सांही पवित्र बणलै। 11 होर ज़ुणी बौगता सौ सज़ा देआ सी, तेई बौगता सज़ा शोभली नैंई लागदी, बल्कि दु:ख लागा सा। पर ज़ो लोका तिन्हां परीक्षा रै द्वारा सिखा सी तिन्हां बै धार्मिकता होर बोलणु आल़ा नतीज़ा प्राप्त होंणा। उपदेश होर च़िताऊणी 12 इन्हां सैभी गैला री बजहा न मज़बूत होर उत्साहित बणा। 13 होर औखै तौखै हेरणै रै बजाय, तुसै सीधी बौता न ज़ाआत्, ज़ो यीशु हागै पूजा सा, ताकि आसा मौंझ़ै न ज़ो आत्मिक रीति न कमज़ोर सी सौ भटकै नैंई लोड़ी, पर तिन्हरा बशाह मज़बूत होला। 14 सैभी सैंघै मेल-मिलाप रखणै होर पवित्र होंणै री तैंईंयैं हर तैरहा कड़ी मेहनत भी केरा, एथा बगैर कोइयै प्रभु कैधी नैंई हेरणा। 15 होर ध्याना सैंघै हेरदै रौहा, ऐण्ढा नी लोड़ी हुआ कि कोई परमेश्वर रै अनुग्रह बगैर रौहला, या कोई सैंघै बैर-भाव मता केरा ताकि दुज़ै रै बिच़ा न परेशानी पैदा केरलै। ऐण्ढी तैरहा रा एक मांहणु तुसा मौंझ़ै न कई बै परमेश्वरा री सच़ी बौता न दूर केरी सका सा। 16 ऐण्ढा नी लोड़ी हुआ कि कोई व्यभिचारी या अब्राहमा रै पोतै एसावा सांही अधर्मी होला। ज़ुणियै कि एकी बौगतै री रोटी रै बदलै आपणै पैहलौठै होंणै रा भाग बेच़ू। 17 तुसै जाँणा ता सी कि बादा न तेइयै आपणै बापू री आशीष पाणी ता चाही पर सौ नलायक गिणुआ होर रोई-रोइया आशीष मुँगी, पर ज़ो किछ़ तेइयै केरू ती तेइबै बदली नैंई सकू। डौरा रा ढौग होर खुशी रा ढौग 18 तुसै इस्राएली लोका सांही तेई सिय्योना रा ढौगा ज़ैण्ढै कोई ज़ैगा पैंधै नैंई आऐ, ज़ुणिबै हेरा होर छुई सका ती। कोई औगी री ज्वाला होर निहारा बादल या तूफान नैंई ऑथि, होर लोका ऐण्ढी ज़ैगा पैंधै ती ज़ैबै परमेश्वरै तिन्हां बै आपणा बिधान धिना ती। 19 तुसै तुरही री छ़ेड़ा हागै होर ऐण्ढै शब्द बोलणू हागै नी आऐ, ज़ौसरै शुणनू आल़ै अर्ज़ केरी कि ऐबै आसा सैंघै होर गैला नी केरिली। 20 तिन्हैं ऐण्ढा तैबै बोलू किबैकि तै ऐई हुक्मा बै बर्दाश्त नैंई केरी सकै ज़ो परमेश्वरै तिन्हां बै बोलू, “अगर कोई पशु बी तेई ढौगा बै छ़ुँगला ता सौ पात्थरै लाइया मकाणा।” 21 होर सौ दर्शन ऐण्ढा डराउणा ती औखै तैंईंयैं कि मूसै बोलू, “हांऊँ बोहू डौरा सा होर कोमहा सा।” 22 पर तुसै सिय्योनै रै ढौगा पैंधै आऐ सी, ज़ौखै स्वर्गीय यरुश्लेम सा, ज़ो ज़िन्दै परमेश्वरा रा शैहर सा, होर ज़ौखै लाखों स्वर्गदूत खुशी मना सी। 23 तुसै परमेश्वरा रै ज़ेठी औलादा री सभा न आऐ सी, ज़ुणिरै नाँ स्वर्गा न लिखैदै सी। ते स्वर्गा न धर्मी लोका री आत्मा सी ज़ुणिबै ऐबै सिद्ध बणाऊ सा। तुसै परमेश्वरा हागै आऐ सी, ज़ो सैभी चीज़ा पैंधै अधिकारी सा। 24 तुसै परमेश्वर होर लोका मौंझ़ै नोंऊँऐं वायदै रै बिचवाई यीशु होर छिड़कावै रै तेई लोहू हागै आऐ सी होर ज़ो हाबिला रै लोहू सांही न्याय री तैंईंयैं रोणैं रै बजाय माफी री गैला केरा सा। 25 साबधान रौहा, ज़ो बोलदै लागै सी, तुसै तेथा पैंधै ध्यान देआ, किबैकि इस्राएली लोकै ज़ैबै धौरती पैंधै च़िताऊणी देणु आल़ै मूसा न मुँह फेरिया नी बच़ै ता आसै स्वर्गा न च़िताऊणी देणु आल़ै न मुँह फेरिया कैण्ढै बच़णा? 26 ज़ैबै परमेश्वरै सिय्योन ढौगा न गैल केरी, ता तेइरै शब्दै धौरती हिलाई, पर ऐबै तेइयै ऐ प्रतिज्ञा केरी सा कि “एक बार फिरी मूँ धौरती केल्ही नी बल्कि सर्ग भी हिलाणै।” 27 होर ऐ वाक्य “एक बार फिरी” ऐसा गैला बै प्रगट केरा सा कि सैभ बणाऊदी चीज़ा हिलाइणी होर हटाई जाणी सी, ताकि ज़ो चीज़ा हिलाँइदी नी तै मज़बूत रौहली। 28 ऐसा बजहा न आसाबै ज़ो राज्य मिलू सा, तेई नैंई हिलाइणा, एज़ा आसा धन्यवादी रौहणा ज़ौसरी बजहा न आसै आराधना न होर डौरा सैंघै परमेश्वरै री ऐण्ढी अराधना केरी सका सी ज़ुणीन परमेश्वर खुश होआ सा। 29 किबैकि आसरा परमेश्वर भस्म केरनु आल़ी औग सांही सा। |
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