Online Bible

- Reklamy -

अय्यूब 8 - पवित्तर बाइबिल


बिलदद अय्यूब स बोलत ह

1 एकरे पाछे सूह प्रदेस क बिलदद जवाब देत भए कहेस

2 “तू कब तलक अइसी बातन करत रहब्या? तोहार सब्द तेज आँधी क तरह बहत अहइँ।

3 परमेस्सर सदा स्वच्छ रहत ह। निआउवाली बातन क सर्वसक्तीवाला परमेस्सर कबहुँ नाहीं बदलत ह।

4 एह बरे अगर तोहार सन्तानन परमेस्सर क खिलाफ पाप किहन ह तउ ओनका राजा दिहस ह। आपन पापन खातिर ओनका भोगइ क पड़ा ह।

5 मुला अब अय्यूब, परमेस्सर कइँती निगाह करा, अउर सर्वसक्तीमान परमेस्सर स ओकर दाया पावइ खातिर बिनती करा।

6 अगर तू पवित्तर अउर ईमानदार अहा, तउ उ हाली तोहार मदद बरे आइ। उ तोहार नीक घरे क रच्छा करब।

7 जउन कछू भी खोया उ तोहका नान्ह स बात लगी। काहेकि तोहार भविस्स बड़ा सुफल होइ।

8 “ओन बुढ़वा लोगन स पूछा अउर पता करा कि ओनकर पुरखन क सीखे रहेन।

9 काहेकि अइसा लागत ह जइसा कि हम तउ बस काल्ह ही पइदा भएन ह, हम कछू नाहीं जानित। परछाई क तरह हमार उमर भुइँया पइ बहोत छोट क अहइ।

10 होइ सकत ह कि बूढ़वा लोग तोहका कूछ सिखाइ सकइँ। होइ सकत ह जउन उ पचे सीखेन ह उ पचे मोका सिखाइ सकइँ।”

11 बिलदद कहेस, “का भोजपत्र क बृच्छ दलदल भुइँया क इलावा कहुँ बढ़ सकत ह का नरकट बे पानी क बाढ़ि सकत ह?

12 नाहीं, अगर पानी झुराइ जात ह तउ उ पचे भी मुरझाइ जइहीं। ओनका काटा जाइ जोग्ग काटिके काम मँ लिआवइ क उ पचे बहोत छोट रहि जइहीं।

13 उ मनई जउन परमेस्सर क बिसारि जात ह, नरकट क तरह होत ह। उ मनई जउन परमेस्सर क बिसारि जात ह ओकरे बरे कउनो आसा नाहीं अहइ।

14 उ मनई क बिस्सास बहोत दुर्बल होत ह। उ मनई मकड़ी क जाला क सहारे रहत ह।

15 अगर कउनो मनई मकड़ी क जाले क सहारा लेत ह, इ टुटि जाइ। अगर उ मकड़ी क जाल क पकरत ह, इ नस्ट होइ जाइ।

16 उ मनई उ पौधे क नाई अहइ जेकरे लगे पानी अउ सूरज क रोसनी बहोतइ अहइ। ओकर डारियन बगिया मँ हर कइँती सँचरत हीं।

17 उ पाथर क टीला क चारिहुँ कइँती आपन जड़न क फइलावत ह अउ चटटान मँ जमइ बरे कउनो ठउर हेरत ह।

18 जब पौधा आपन जगह स उखाड़ दीन्ह जात ह, तउ कउनो भि नाहीं जान पात ह कि हुआँ कबहुँ कउनो पौधा रहा।

19 मुला उ पौधा हुआँ खुस रहा, अब दूसर पउधन हुआँ जमिहीं, जहाँ कबहुँ उ पउधा रहा।

20 मुला परमेस्सर कबहुँ भी निर्दोख मनई का नाहीं तजी अउर उ बुरे मनई क सहारा नाहीं देइ।

21 अबहुँ भी परमेस्सर तोहरे मुँह क हँसी स भरि देइ। तोहरे ओंठन क खुसी स चहकाइ देइ।

22 परमेस्सर तोहरे दुट्ठ दुस्मनन क लज्जा स झुकाइ देइ। अउर ओनकर घरन क नास कइ देइ।”

Awadhi Holy Bible: Easy-to-Read Version

All rights reserved.

© 2005 Bible League International

Bible League International
Následuj nás:



Reklamy