प्रेरितन 1 - परमेश्वरन सत्य वचन नवलो नियम1 ए थियुफिलुस, हाव पेहली किताब उन आखी वातो क बारा मा लिख्यो, जो ईशु मसीह शुरू सी करतो आयो, आरू सिकाड़तु रोयु, 2 उना दाहड़े तक जव त्या निवाड़या क जिनुक ईशु नेवाड़लो हुतो, चुखली आत्मान लारे हुकुम आपीन ऊपर नी उठाई ली गयो, 3 आरू ईशु दुःख उठावने न बाद मा घण सोवटी सोहलानी सी ईशु आपसा क जीवतो देखाड़ीन, आरू चालीस दाहड़ा तक त्यो नेवताळा क देखाय देतो रोयो आरू यहोवा भगवान क राजन वात कयतो रीयो। 4 आरू नेळताळा सी मेवीन ओको हुकुम देदो, आरू कयो, “यरूशलेम क झुण छुड़ता, बाकुन बास जी बांधायली प्रतिज्ञा क पुरो हुयता तक वाट जुवता रहवो, जिनान बाराम हाव तुमूक देखाड़लो हुतो। 5 काहकि बपतिस्मा देनेवावो यहुन्ना ते पानी सी बपतिस्मा दियो बाकुन थुड़ाक दाहड़ान बाद मा तुमु चुखली आत्मा सी बपतिस्मा लेसे।” ईशु क सोरग मा जानो ( मरकुस 16:19-20 ; लूका 24:50-53 ) 6 ओलतेन नेवताळा एक्ठा होईन ओका सी पुछिया, “ए पोरबु काय तु इने टेमे इस्राएल न राज क पछो बोठाड़ीस?” 7 ईशु नेवताळा सी कयो, “टेम आरू कालोन वात बास न तरफ सी टाकायलो छे यो जाननो, जेका मालुम नी आपनो हक मा राख्या, तुमरो काम नी हय। 8 पर जव चुखली आत्मा तुमरे उपर आवसे तव तुमूक शक्ति जोड़से; आरू यरूशलेम आरू आखा यहूदि या आरू सामरिया मा, आरू धरतीन कुने—कुने तक मारा गवाह हुयसे।” 9 ईशु यी वात कयीन त्यो देखता–देखता ऊपर उठायली ली गयो, आरू वादळो उको तिनरा डुळान सामने ढाक लेदो। 10 आरू ओको जाता टेमे जव त्या आकाश न तरफ देख रीया हुता, तव देखो दूय मानुस धोवळिया छिंदरा पेहरला नेवताळा न पास मा उचकालुन आवीन ऊबा हुया। 11 आरू कयनो लाग्या, “ए गलीली मनुसो, तुमू काँ ऊबा होईन सोरग तरफ देख रीया? यो ईशु, जो तुमरे साते सी जिनी रीति सी तुमु उको सोरग मा जातला देख्या तिनी रीति सी त्यो ओळी पोछो आवसे।” यहूदा की जगह मत्तीयो क चुन्ना ( मत्ती 27:3-10 ) 12 12 जव त्या जैतुन नावन बोयड़ा सी जो यरूशलेम न क पास मा एक आराम न दाहड़ा आवनेन साते सी, त्यो यरूशलेम भेणी पोछो आवे। 13 आरू जव त्यो वाँ पुगिया तो उना उपरला कपरा मा गिया, जा पतरस, यहुन्ना, याकूब, अन्द्रियास, फिलिप्पुस, थोमा, बरतुल्मै, मत्ती, हलफईस न पोर्या याकूब, शमौन जेलोतेस आरू याकूबन पोर्या यहूदा यो रहवता हुता। 14 त्या आखा मळीन थड़ाक बोहनस्या आरू ईशु न माय मरियम आरू उका भाईस क सात मा एक मन होईन विनता आरू प्रार्थना करता रया। 15 आरू उन दाहड़ा मा पतरस भाईस क विच मा जो एक सौ ने वीस मानुस क लोगाथोगी एक्ठा हुता, उबो होईन प्रार्थना करने लागियो। 16 “हे भाईस्यो” छाचो हुतो कि चुखलो शासतुर न त्यो लिखलो वचन पूरो हुये, जो चुखली आत्मा दाऊद क मुय सी यहूदान बारा मा जो ईशु क धोरने वाळा न अगळवानियो हुतो, उका बारा मा पेहले सी कयलो हुतो। 17 “काहकि त्यो ते हामरे मा गिनाय गियो, आरू इनी सेवा मा साजलियो बन्यो।” 18 त्यो अन्याय कमाय करीन एक खेत मूले लिदो; आरू माथा क भुरसे पड़्यो, आरू उको पेट फाट गियो, आरू ओकी आतड़ीया निकळी गिया। 19 आरू इनी वात क यरूशलेम न मा आखा रहवने वाळा जान गिया, या तक कि उना खेत न नाव उन लोगहन की भाषा मा अकलदमा एरो मतलब “लुहूय खेत नाव पड़्यो।” 20 काहकि भजन संहिता मा लिखलो छे, “ओको घर उजड़ जासे, आरू उका मा कोय भी नी बसे,” काहकि यो भी लिखलो छे, आरू “उको पद कोय दिसरो ली लेय।” 21 अतरानकरीन जतरा दाहड़ा तक पोरबु ईशु हामरे साते आवतो जातो रियो, मतलब की यहुन्ना बपतिस्मा देने वाळा सी लगाड़ीन उको हामरे साते सी उठायली जाने तक, जो लोगहन बराबर हामरे साते रीया, 22 “यो वारू छे कि ओका मा सी एक मानुस हामरे सात उको जीव उठने न गवा हुये।” 23 तव त्या दूय जन क ऊबा करीया, एक यूसुफ क, जो बरसब्बास कहवाये, जिनान दिसरो नावठ्यो नाव यूस्तुस छे, दिसरो मत्तियाह क। 24 आरू यो कहवीन प्रार्थना करिया, “ए पोरबु तु जो सबन मन क जाने, यो देखाड़ दे कि इनु दूय माइन तु केको निवाड़या छे, 25 कि त्यो इनी सेवा क कर सके आरू नेवताळान पद लेय, जिनाक छुड़ीन यहूदा ओको जागे जात रीयो।” 26 तव त्या उन दूयन बारा मा चिठ्ठी न्हाखिया, आरू मत्तियाह क नाव सी चिठ्ठी नीकळी, आरू त्यो उन ग्यारे नेळताळा क सात मा गिनाय गयो। |
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