फिलिप्पी 4:2 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 हुंह करा यूदिआ और सन्तुखे दुही बैहणी का अरज़ कि तम्हैं आसा प्रभू दी एते तैणीं करा आप्पू मांझ़ै सुल्हअ। Sien die hoofstukकुल्वी2 हांऊँ बैहण यूओदिया सैंघै अर्ज़ा केरा सा होर सुन्तुखे न बी अर्ज़ केरा सा कि प्रभु न एक मन होइया आपु न मेल-मिलाप केरा किबैकि तुसै प्रभु सैंघै जुड़े सी। Sien die hoofstukईनर सराजी मे नया नियम2 हाऊं युओदिया का भी बिनती करा, होर सुन्तुखा का भी, कि त्याह प्रभु में एकमन रहे। Sien die hoofstuk |