फिलिप्पी 2:1 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 तै ऐबै, ज़ै मसीहा दी तम्हां हैअ आसा, मसीहे झ़ूरी दी तम्हां शांती आसा, पबित्र आत्मां दी साझ़ आसा, मसीहा तम्हां लै झींण और झ़ूरी की, Sien die hoofstukकुल्वी1 मसीह तुसाबै शान्ति दैआ सा, होर तेइरा प्यार तुसाबै आराम दैआ सा। परमेश्वरा री आत्मा तुसाबै एकजुट केरा सा, होर तुसै दुज़ै री तैंईंयैं फ़िक्र केरा सी, Sien die hoofstukईनर सराजी मे नया नियम1 अगर मसीहा में कुछ शांति होर प्रेमा का ढाढ़स होर आत्मा री सहभागिता, होर कुछ करूणा होर दया हो Sien die hoofstuk |