9 है जैद नो पाँ गिन्थैव छ्यामकिन ज़ ‘परमेस्वरनी यादैव पुरूसनी याबुद्धीर छिप्नाद, परमेस्वरए ओपैंज़्यावलाई झन ज़ ओप़ाल्नारक’ लिद जेजूँनी परमेस्वरलाई पोंखारिउ ज़ गिन्नैज़्या।