फिलिप्पी 4:1 - jivən səndesh1 एहि लेल, यौ हमर भाइ लोकनि, हमर प्रिय लोक सभ, हँ, अहाँ सभ जिनका सभ पर हमर मोन लागल रहैत अछि, जे सभ हमर आनन्द, हमर मुकुट, हमर प्रिय मित्र सभ छी, जहिना हम अहाँ सभ केँ कहने छी, तहिना प्रभु मे स्थिर रहू! Sien die hoofstuk |