9 मीं पेहिलै बि तुवाड़ी कलीसियेरै विश्वासियनि चिट्ठी लिखोरी थी पण दियुत्रिफेस मिंडै हुक्म मंनणेरै तेईनी नमां काता केईनी कि सै हमेशा ऐपुवै कलीसियेरा अगुवा बणना चांहथा।