1 थिस्स 5:3 - पहाड़ी महासुई3 ज़ेबी लोग बोलदै औलै लागै औन्दै कि “आमै ठीक ई, और कुछ़ भी डौर नाईं आसतौ,” ता तिऊं माथै एकी ई घौड़ी विनाश आशा सा, ज़िणी गौरकड़ी छ़ेउड़ी दी बेदण, और सै तिऊं बौड़ी मुसीबता कु केज़ी भी रीती कौरी नाईं बौच़णै। Sien die hoofstukबग़ल्याणी3 जेबे लोक बोलणे लगी रे ऊणे, “ठीक ए और कुछ डर निए,” तेस बखते तिना पाँदे एकदम संकट आयी जाणा, जिंयाँ गर्भवतिया री पीड़ा, और सेयो तेस विनाशो ते किंयाँ पनि बचणे। Sien die hoofstuk |