28 काहेकि ऊँ पंचे परमातिमा काहीं पहिचानँय से इनकार कइ दिहिन, एसे परमातिमव उनहीं पंचन काहीं उनखे बुरे मन के मुताबिक छोंड़ दिहिन; कि जउने ऊँ पंचे अनुचित काम करँय।