इफीसियन 1:18 - Bagheli Bible18 अउर हमार बिनती इहव हय, कि तोंहरे पंचन के मन के आँखी खुल जाँय, अउर तूँ पंचे उआ प्रकास के दरसन कइ सका, जउने तोंहईं पंचन काहीं इआ मालुम होइ जाय, कि उआ आसा का आय, जउने के खातिर ऊँ तोंहईं पंचन काहीं बोलाइन हीं। अउर अपने चुने सगले मनइन काहीं जउन बारिसदार होंय के हक्क ऊँ देइहँय, उआ केतना अदभुत अउर महान हय। Sien die hoofstuk |