7 अउर तोंहरे पंचन के बारे माहीं, हमहीं पंचन काहीं पूर आसा ही, काहेकि हम पंचे जानित हएन, कि जइसन तूँ पंचे हमरे दुखन माहीं भागीदार हया, उहयमेर सान्ती के घलाय भागीदार हया।